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शीर्षक :- सम्मान मजदूर का
रहा इतिहास उन लोगो का भी
दिया जिन्होंने हैं बलिदान
रहा इतिहास उन लोगों का भी
किया जिन्होंने हैं कुछ काम
क्या रहा इतिहास उन लोगों का
बनाया जिन्होंने हैं मकान
ईँट पत्थर अपने कंधों पर उठा
पहुँचाया उसको आसमा पर
मिला बदले में उनको
250 - 300 - 400 का ईनाम
क्या ये 250 - 300 - 400 का ईनाम
दिला पायेगा उनको समाज मे सम्मान
क्या ये ईनाम कर पायेगा
उनकी मूलभूत जरूरतों का इंतजाम
क्या कहूँ मे इन मजदूरों की
जिंदगी के बारे मे
कहूंगा बस इतना की
कर लो इनका सम्मान , कर लो इनका सम्मान , कर लो इनका सम्मान ।
शब्द भी कम पड़ जाते हैं
कहने को इन मजदूरों के बारे में
बात करूँ में किस पन्ने की
इनकी इस जिंदगी के बारे में
इनकी जिंदगी का तो हर
पन्ना , कहता हैं सब कुछ
अपने आप , बताता है तो
कुछ सीखता भी हैं अपने आप
कहूंगा बस इतना की जान लो
इनकी इस जिंदगी के बारे में
पहचान लो इनकी इस जिंदगी के
बारे में
और दिल से सम्मान कर लो
इनकी इस जिंदगी के बारे में
ताकि ये भी बता सके
सम्मान से अपनी इस
जिंदगी के बारे में ।
उदय राज (✍️)
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रहा इतिहास उन लोगो का भी
दिया जिन्होंने हैं बलिदान
रहा इतिहास उन लोगों का भी
किया जिन्होंने हैं कुछ काम
क्या रहा इतिहास उन लोगों का
बनाया जिन्होंने हैं मकान
ईँट पत्थर अपने कंधों पर उठा
पहुँचाया उसको आसमा पर
मिला बदले में उनको
250 - 300 - 400 का ईनाम
क्या ये 250 - 300 - 400 का ईनाम
दिला पायेगा उनको समाज मे सम्मान
क्या ये ईनाम कर पायेगा
उनकी मूलभूत जरूरतों का इंतजाम
क्या कहूँ मे इन मजदूरों की
जिंदगी के बारे मे
कहूंगा बस इतना की
कर लो इनका सम्मान , कर लो इनका सम्मान , कर लो इनका सम्मान ।
शब्द भी कम पड़ जाते हैं
कहने को इन मजदूरों के बारे में
बात करूँ में किस पन्ने की
इनकी इस जिंदगी के बारे में
इनकी जिंदगी का तो हर
पन्ना , कहता हैं सब कुछ
अपने आप , बताता है तो
कुछ सीखता भी हैं अपने आप
कहूंगा बस इतना की जान लो
इनकी इस जिंदगी के बारे में
पहचान लो इनकी इस जिंदगी के
बारे में
और दिल से सम्मान कर लो
इनकी इस जिंदगी के बारे में
ताकि ये भी बता सके
सम्मान से अपनी इस
जिंदगी के बारे में ।
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