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Please shere kre
शीर्षक :- तारो से भरी रात
अंधेरी चाँदनी रात में
तारों से भरे आसमान में
मोहब्बत को ढूढ़ने निकले थे
मोहब्बत तो ना मिली
मोहब्बत करने वाली मिली ।
मोहब्बत करने वाली भी
कुछ हमारे जैसी थी
तो कुछ हम उसके जैसे थे
इसी वजह मोहब्बत करने वाली के
जितने पास हम जाते थे
वो हमसे और उतनी
दूर हो जाती थी
बस यही करने में
हमारी पूरी रात गुजरी थी ।
सुबह होने पर पता चला
की वो हमारा सपना था
और वो सपना भी
लग रहा बड़ा अपना था ।
अंधेरी चाँदनी रात में
तारो से भरे आसमान में
मोहब्बत को ढूढ़ने निकले थे
मोहब्बत तो ना मिली
मोहब्बत करने वाली मिली ।
उदय राज ✍️
Udayrajpoems.blogspot.com
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