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ये प्रेम भी क्या चीज है
जिसको मिल जाए
वो दीवाना बन जाए
जिसको ना मिले
वो बेगना बन जाए ।
कहने को ये दुनिया,बड़ी बेगानी है जरूरत है, कि इस
दुनिया मे प्रेम भर जाए
ताकि ये दुनिया बेगानी से
दीवानी बन जाए ।
प्रेम कोई सख्त लोहे का टुकड़ा नही
बल्कि नरम मोम का टुकड़ा है
जो हर मोड़ पर मिल जाता है
बस जरूरत है की ,
प्रेम को निभाने वाला कोई मिल जाए ।
इस दुनिया का अनमोल
नवरत्न ही तो प्रेम है
जिसका कोई मोल नही
और मोल भी लगाएं तो
उसका कोई तौल नही ।
ये प्रेम भी क्या चीज है
जिसको मिल जाए
वो दीवाना बन जाए
जिसको ना मिले
वो बेगना बन जाए ।
(उदय राज )✍️
B.ED हिन्दी
Delhi Teacher
Training college
Udayrajpoems.blogspot.com .
इस कविता को लिखने का मेरा उद्देश्य की भावना को प्रभावित करना नही है बल्कि समाज मे प्रेम और प्यार के महत्व को बताने का हैं ।
इस कविता को लिखने का मेरा उद्देश्य की भावना को प्रभावित करना नही है बल्कि समाज मे प्रेम और प्यार के महत्व को बताने का हैं ।
