सोमवार, 27 अप्रैल 2020

नई कविता : - मार कोरोना और assignment की ( उदय राज की नई कविता - 2)✍️

यहां से पढ़े : -Udayrajpoems.blogspot.com


शीर्षक: - मार कोरोना और assignment की








हर पल जिंदगी में किसी की मार थी
कभी कोरोना तो कभी assignment की मार थी
चाह कर भी तुझसे दूर हो नही पाते थे 
क्योंकि कभी नम्बर की मांग तो
कभी डर की मार थी ।

इसे भी अगर निकल जाते तो
दिल मे एक अजीब सी कचोट होती
जो खींच कर फिर तेरे पास ही
ले आती , और ना चाह कर भी
तुझे मेरे हाथों ही करवाती
ऐसे ही assignment की मार झेली जाती ।

सुबह जब आँख खुली तो
अजीब सी खुशी इस दिल मे थी
कि, आज मैं एक assignment जमा करूँगा 
और इस मुश्किल से छुटकारा पाऊँगा
पर मुझे क्या पता था
whatsapp पर एक और 
assignment  खड़ा था ।

हर पल जिंदगी में किसी की मार थी
कभी कोरोना तो कभी assignment की मार थी । 


                              उदय राज ( ✍️)
                              Edited by sachin
                              (B.ed हिंदी
                       Delhi Teacher training college)  



इस कविता को लिखने का उदेश्य मेरा किसी की भावना को प्रभावित करना नही हैं यह कविता हास्य के उद्देश्य से लिखी गई है ।


                                                                               

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